राष्ट्रीय स्वंतत्रता आंदोलन एवं झारखण्ड

भारतीय स्वतंत्रता संग्राम अनेक चरणों से गुजरा तथा प्रत्येक चरण में भारतीय भू-भाग के लगभग सभी लोगों ने भाग लिया। झारखण्डवासी  भी प्रत्येक स्तर पर इसमें शामिल हुए तथा अपना सहयोग दिया। यहाँ के प्रथम चरण के आंदोलनों में मुख्यतः जनजातीय विद्रोहों और 1857 के महान् विद्रोह को शामिल किया जाता है। इसके बाद का चरण कांग्रेस कार्यक्रमों से दिशा-निर्देशित था, जबकि अंतिम अर्थात् तीसरा चरण असहयोग आंदोलन, सविनय अवज्ञा आंदोलन तथा भारत छोड़ो आंदोलन, गाँधी जी के दिशा-निर्देश से प्रेरित था। झारखण्ड और भारतीय स्वतंत्रता आन्दोलन का विश्लेषण निम्न शीषर्क के अंतर्गत करेंगे जिसे पढने के लिए शीषर्क के लिंक को Click करेंl

  1. 1857 का विद्रोह और झारखण्ड
  2. झारखण्ड में राष्ट्रीय चेतना का प्रसार एवं क्रांतिकारी  गतिविधियां
  3. गाँधी युग तथा झारखण्ड
  4. असहयोग आन्दोलनऔर झारखण्ड
  5. सविनय अवज्ञा आन्दोलन और झारखण्ड
  6. कांग्रोस का रामगढ़ अधिवेशन
  7. भारत छोड़ो आन्दोलनऔर झारखण्ड
  8. राष्ट्रीय आंदोलन और झारखण्ड की महिलाएं और मजदूर आंदोलन

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