सफाहोड़ आंदोलन (1870)

विद्रोह  के कारण एवं स्वरुप :

  • इस विद्रोह को जन्म देने का श्रेय लाल हेम्ब्रम उर्फ लाल बाबा को जाता है।
  • इन्होंने पाया था कि संथाल विद्रोह की विफलता का सबसे बड़ा कारण लोगों में धार्मिक भावना तथा आत्मबल की कमी थी।अतः उन्होंने चारित्रिक बल पर जोर दिया।
  • उन्होंने सफाहोड़ी आंदोलनकारियों को ‘राम-नाम’ का मंत्र दिया। वे संथालों को सफेद झंडी देते थे। उन्हें जनेऊ पहनाते थे एवं मांस मदिरा सेवन से रोकते थे।
  • भयभीत होकर अंग्रेजों ने आंगन में तुलसी चौरा बनाने एवं राम-नाम जप पर पाबंदी लगा दी।
  • लाल बाबा ने आजाद हिंद फौज की तर्ज पर संथाल परगना में ‘देशोद्धारक दल’ का गठन किया था।

  • उनके सहयोगियों में पैका मुर्मू, पगान मरांडी, भतू सोरेन एवं रसिक  लाल सोरेन प्रमुख थे।

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