झारखण्ड : संक्षिप्त अवलोकन

सामान्य जानकारी 

  • राज्य का नाम झारखण्ड
  • राज्य का गठन – 15 नवम्बर, 2000ई०
  • भारतीय संघ में राज्य का स्थान – 28वां
  • राज्य दिवस – 15 नवम्बर
  • राज्य की राजधानी – राँची
  • राज्य की उपराजधानी – दुमका
  • औद्योगिक राजधानी – जमशेदपुर
  • उच्च न्यायालय – राँची
  • राजकीय भाषा – हिन्दी
  • द्वितीय राजकीय भाषा – उर्दू, मुंडारी, कुडुख, संथाली, हो, खोरठा, पंचपरगनियाँ, कुरमाली, खड़िया, उड़िया, बांग्ला, मगही, मैथिली, भोजपुरी, अंगिका, नागपुरी।

प्रशासनिक परिचय

  • प्रमंडलों की संख्या – 5
  • जिलों की संख्या – 24
  • अनुमंडलों की संख्या – 45
  • प्रखंडों की संख्या – 264
  • अधिसूचित प्रखंडों की संख्या – 132
  • गाँवों की संख्या 32,615
  • पंचायतों की संख्या – 4402
  • जिला परिषदों की संख्या – 24
  • जिला परिषदों के सदस्यों की संख्या – 545
  • नगर परिषदों की संख्या – 19
  • नगर पंचायतों की संख्या – 13
  • अधिसूचित क्षेत्र की संख्या – 02
  • छावनी बोर्ड की संख्या – 01
  • नगर निगमों की संख्या – 19

राजनैतिक परिचय

  • राज्य की विधायिका एक सदनीय (विधानसभा)
  • विधान सभा में सदस्यों की संख्या – 82 (81 निर्वाचित +1मनोनीत)
  • विधान सभा में आरक्षण की स्थिति – ST-28, SC-9, G-44
  • लोक सभा के सदस्यों की संख्या – 14
  • लोक सभा में आरक्षण की स्थिति – ST-5, SC-1,G-8
  • राज्य सभा के सदस्यों की संख्या – 6
  • सबसे बड़ा संसदीय क्षेत्र – सिंहभूम (सुरक्षित)
  • सबसे छोटा संसदीय क्षेत्र – चतरा

राज्य के प्रतीक चिन्ह 

  • राजकीय पश – हाथी
  • राजकीय पक्षी  – कोयल
  • राजकीय वृक्ष  – साल
  • राजकीय पुष्प – पलाश
  • राजकीय चिन्ह –

नए लोगो में क्या-क्या – बीच में अशोक चक्र, उसके चारों तरफ झारखंड की पारंपरिक सौरा चित्रकारी, उसके बाद झारखंड की पहचान लिए पलाश के फूल, समृद्धि और वैभव का प्रतीक राजकीय पशु हाथी, प्रतीक चिन्ह में हरा रंग का प्रयोग अधिक, लोगो गोलाई लिए हुए।(14 अगस्त, 2020 को  झारखंड के नये प्रतीक चिन्ह का लोकार्पण रांची से हुवा, 15 अगस्त से पूरे राज्य में अब इसी प्रतीक चिह्न का इस्तेमाल किया जायेगा)

पुराने प्रतीक चिन्ह में क्या  – चार ‘J’ अक्षरों के बीच नीले रंग का अशोक चक्र लोगो हरे रंग का और वर्गाकार। (पुराने प्रतीक का डिजाइनर-अमिताभ पाण्डेय)

झारखण्ड का भौगोलिक परिचय 

  • भौगोलिक अवस्थिति  भारत के उत्तरपूर्वी भाग में
  • गोलार्द्ध – उत्तरी गोलार्द्ध
  • राज्य की ज्यामितीय आकृति – चतुर्भुजाकार
  • जलवायु कटिबन्ध – उष्ण कटिबन्ध
  • जलवायु – मानसूनी
  • अक्षांशीय विस्तार – 21°5810 से 25°18 उत्तरी
  • अक्षांश देशान्तरीय विस्तार – 83°19’50” से 87°57′ पूर्वी देशान्तर
  • राज्य से गुजरन वाली अक्षांश रेखा – 237° उत्तरी अक्षांश कर्क रेखा
  • प्रांत की सीमाएँ एवं विस्तार – झारखण्ड प्रदेश के उत्तर में बिहार, दक्षिण में ओडिशा, पूर्व में पश्चिम बंगाल तथा पश्चिम में छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश अवस्थित हैं।
  • झारखण्ड राज्य की सीमा को स्पर्श करने वाले राज्य – बिहार, बंगाल, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, ओडिशा।
  • राज्य की लंबाईचौड़ाई उत्तर से दक्षिण लम्बाई 380 कि.मी. तथा चौड़ाई पूर्व से पश्चिम 463 कि.मी।
  • राज्य का कुल क्षेत्रफल – 79,714 वर्ग कि.मी.
  • ग्रामीण क्षेत्रफल – 77,922 वर्ग कि.मी.
  • शहरी क्षेत्रफल – 1,792 वर्ग कि.मी.
  • भारत के कुल क्षेत्रफल का हिस्सा – 2.42 प्रतिशत
  • क्षेत्रफल की दृष्टि से झारखण्ड का भारत में स्थान – 15वाँ (जम्मू एवं कश्मीर के केन्द्रशासित प्रदेश बनने के पश्चात, पूर्व में 16वाँ)
  • सबसे ज्यादा क्षेत्रफल वाला जिला – पश्चिमी सिंहभूम
  • सबसे कम क्षेत्रफल वाला जिला – रामगढ़
  • राष्ट्रीय राजमार्गों की कुल लम्बाई – 3367 किमी.
  • राजकीय राजमार्गों की कुल लम्बाई – 2711 किमी.
  • मुख्य फसल धान
  • औसत वार्षिक वर्षा – 140 सेमी.
  • कुल कृषि योग्य भूमि 38 लाख हेक्टेयर
  • शुद्ध बोया गया क्षेत्र 18.07 लाख हेक्टेयर
  • वन क्षेत्र की स्थिति 23,605 वर्ग किमी
  • कुल क्षेत्रफल में वन का प्रतिशत – 29.61%
  • सर्वाधिक वनाच्छादित जिला (क्षेत्रफल की दृष्टि से) – पश्चिमी सिंहभूम
  • न्यूनतम वनाच्छादित जिला (क्षेत्रफल की दृष्टि से)- जामताड़ा
  • प्रतिशतता के दृष्टि से सर्वाधिक वन क्षेत्र वाला जिला लातेहार (56.08 %)
  • प्रतिशतता के दृष्टि से न्यूनतम वन क्षेत्र वाला जिला – जामताड़ा (5.56 %)
  • संरक्षित वनों का प्रतिशत (Protected Forest) – 81.28% (19185 वर्ग किमी)
  • आरक्षित वनों का प्रतिशत (Reserved Forest) 18.58% (4378 वर्ग किमी)
  • अवर्गीकृत वनों का प्रतिशत 0.14% (33 वर्ग किमी)
  • प्रति व्यक्ति वन 0.08 हेक्टेयर
  • कुल कृषि योग्य भूमि 38 लाख हेक्टेयर
  • राज्य का सर्वोच्च शिखर पारसनाथ (1365 मी.)

जनसांख्यिकीय परिचय 

  • राज्य की कुल जनसंख्या 2011 3,29,88,134
  • पुरूष – 1,69,30,315
  • महिलाएँ – 1,60,57,819
  • भारत की कुल जनसंख्या का प्रतिशत 2.73 प्रतिशत 
  • अनुसूचित जनजाति की जनसंख्या – 86,45,042
  • अनुसूचित जनजातियों की जनसंख्या (% में) – 26.2%
  • अनुसूचित जाति की जनसंख्या- 39,85,644
  • अनसचित जातियों की जनसंख्या (% में) – 12.10%
  • जनसंख्या के दृष्टि से झारखण्ड का भारत में स्थान 14वें 
  • 20012011 के दशक में जनसंख्या वृद्धि दर 22.4 प्रतिशत 
  • सर्वाधिक जनसंख्या वाला जिला – राँची
  • न्यूनतम जनसंख्या वाला जिला  – लोहरदगा
  • जनसंख्या घनत्व – 414 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी.
  • सर्वाधिक जनसंख्या घनत्व वाला जिला – धनबाद
  • न्यूनतम जनसंख्या घनत्व वाला जिला – सिमडेगा
  • लिंगानुपात – 949 महिलाएँ प्रति हजार पुरूषों पर
  • सर्वाधिक लिंगानुपात वाला जिला – प० सिंहभूम
  • न्यूनतम लिंगानुपात वाला जिला – धनबाद
  • साक्षरता दर – 66.4 प्रतिशत
  • पुरूष साक्षरता दर – 76.8 प्रतिशत
  • महिला साक्षरता दर – 55.4 प्रतिशत
  • सर्वाधिक साक्षरता दर वाला जिला – राँची
  • न्यूनतम साक्षरता दर वाला जिला – पाकुड़

जनजातीय परिचय 

  • झारखण्ड में कुल जनजातियाँ 32
  • झारखण्ड में कुल आदिम जनजातियाँ – 08
  • झारखण्ड में अनुसूचित जनजाति कुल संख्या – 86,45,047
  • झारखण्ड के कुल आवादी में जनजातिय अबादी का प्रतिशत -26.2
  • आदिम जनजातियों की कुल संख्या – 1,92,425
  • राज्य की कुल आबादी में आदिम जनजातियों का प्रतिशत0.72 
  • झारखण्ड में सर्वाधिक जनसंख्या वाले जनजाति संथाल 
  • सर्वाधिक जनजाति वाला जिला (संख्या के धार पर) राँची 
  • न्यूनतम जनजाति वाला जिला (संख्या के आधार पर)कोडरमा
  • सर्वाधिक जनजाति वाला जिला (प्रतिशत के आधार पर)खूटी
  • न्यूनतम जनजाति वाला जिला (प्रतिशत के आधार पर) कोडरमा
  • सर्वाधिक बोली जाने वाले जनजातीय भाषा संथाली
  • जनजातीय समाज में लिंगानुपात  – 987
  • जनजातीय समाज में साक्षरता दर 40.7%
  • जनजातीय समाज में पुरूष साक्षरता दर 54 %
  • जनजातीय माज में महिला साक्षरता दर 27.2%
  • जनजातिय जनसंख्या में झारखण्ड का भारत में स्थान 4 (चौथा )
  • जनसंख्या की दृष्टि से चार सबसे बड़ी जनजाति संथाल, उरांव, मुण्डा, हो 
  • सर्वप्रमुजनजातीय त्योहार – सरहुल
  • सबसे शहूर लोक नृत्य – छऊ