वाक् एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19(1) के अन्तरगत नागरिको प्राप्त वाक् एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार निम्नवत है :

यह प्रत्येक नागरिक को अभिव्यक्ति दर्शाने, मत देने, विश्वास एवं अभियोग लगाने की मौखिक, लिखित, छिपे हुए मामलों पर स्वतंत्रता देता है। उच्चतम न्यायालय ने वाक् एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता में निम्नलिखित को सम्मिलित कियाः

  1. अपने या किसी अन्य के विचारों को प्रसारित करने का अधिकार।
  2. प्रेस की स्वतंत्रता।
  3. व्यावसायिक विज्ञापन की स्वतंत्रता।
  4. फोन टैपिंग के विरुद्ध अधिकार।
  5. प्रसारित करने का अधिकार अर्थात् सरकार का इलैक्ट्रॉनिक मीडिया पर एकाधिकार नहीं है।
  6. किसी राजनीतिक दल या संगठन द्वारा आयोजित बंद के खिलाफ अधिकार।
  7. सरकारी गतिविधियों की जानकारी का अधिकार।
  8. शांति का अधिकार।
  9. किसी अखबार पर पूर्व प्रतिबंध के विरुद्ध अधिकार।
  10. प्रदर्शन एवं विरोध का अधिकार, लेकिन हड़ताल का अधिकार नहीं।

राज्य वाक् एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर उचित प्रतिबंध लगा सकता है। यह प्रतिबंध लगाने के आधार इस प्रकार हैंभारत की एकता एवं संप्रभुता, राज्य की सुरक्षा, विदेशी राज्यों से मित्रवत संबंध, सार्वजनिक आदेश, नैतिकता की स्थापना, न्यायालय की अवमानना, किसी अपराध में संलिप्तता आदि।