मिट्टी Soil

मृदा शैल, मलवा और जैव सामग्री का सम्मिश्रण होती है जो पृथ्वी की सतह पर विकसित होते हैं। मृदा भू-पर्पटी की सबसे महत्त्वपूर्ण परत है। यह एक मूल्यवान संसाधन है। हमारा अधिकतर भोजन और वस्त्र, मृदा में उगने वाली भूमि-आधारित फसलों से प्राप्त होता है। मृदा का विकास हजारों वर्षों में होता है। अपक्षय और क्रमण के विभिन्न कारक जनक सामग्री पर कार्य करके मृदा की एक पतली परत का निर्माण करते हैं।

Soil is the mixture of rock debris and organic materials which develop on the earth’s surface. Soil is the most important layer of the earth’s crust. It is a valuable resource. The bulk of our food and much of our clothing is derived from land-based crops that grow in the soil. The soil  has evolved over thousands of years. The various agents of weathering and gradation have acted upon the parent rock material to produce a thin layer of soil.

मृदा के घटक खनिज कण, ह्यूमस, जल तथा वायु होते हैं। इनमें से प्रत्येक की वास्तविक मात्रा मृदा के प्रकार पर निर्भर करती है। कुछ मृदाओं में, इनमें से एक या अधिक घटक कम मात्रा में होता है जबकि अन्य कुछ मृदाओं में इन घटकों का संयोजन भिन्न प्रकार का पाया जाता है।

Components of the soil are mineral particles, humus, water and air. The actual amount of each of these depend upon the type of soil. Some soils are deficient in one or more of these, while there are some others that have varied combinations.

मृदा-निर्माण को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक Factors affecting the formation of soil

  • चट्टान(Rock),
  • जलवायु(Climate),
  • उच्चावच (Relief),
  • बायोटा(Biota),
  • समय (Time)
  • इनके अतिरिक्त मानवीय क्रियाएँ भी पर्याप्त सीमा तक इसे प्रभावित करती हैं। Besides these, human activities also influence it to a large extent.

Soil- forming factors: rocks

चट्टान(Rock) :

    • मृदा मूल चट्टान के कटाव से बनी है
    • यह मृदा के खनिज, बनावट, संरचना, पीएच मान, सरंध्रता प्रदान करता है
    • नरम चट्टानें – कठोर चट्टानों की तुलना में बेहतर मृदा का निर्माण होता है

Rock :

    • Soil made up of erosion of parent rock
    • It provides soil minerals, texture, structure, pH value, porosity
    • Soft rocks – better soil formation than hard rocks

Soil- forming factors: Climate

जलवायु(Climate) : तापमान  (temperature) + वर्षा (rainfall)

कटाव का एजेंट
  • शुष्क प्रदेश – हवा
  • गीला क्षेत्र-पानी
  • ठंडा क्षेत्र – ग्लेशियर
जलवायु कटाव के प्रकार  और  क्षरण की तीव्रता को प्रभावित करती है

Agent of erosion

  • Dry region – wind
  • Wet region –water
  • Cold region – glacier
  • Climate affect the type of erosion + intensity of erosion

Soil- forming factors: Relief

  • भू-ढाल जलवायु और जंगल के प्रकार को नियंत्रित करती है
  • खड़ी ढाल =पतली परत,  कम विकसित मृदा
  • मैदान (कम ढाल) = मोटी, अच्छी तरह से विकसित मृदा
  • Relief control the climate and type of forest
  • Steep gradient = thin, under developed soil
  • Plain (low gradient) = thick, well developed soil

Soil- forming factors: Biota

  • सूक्ष्म जीव मृदा को समृद्ध करने में मदद करते हैं
  • वनस्पति की जड़ें – अपक्षय का कारक
  • वनस्पति से प्राप्त ह्यूमस सामग्री मृदा को पोषक तत्व प्रदान करती है
  • Micro-organism help in enrichment of soil
  • Roots of vegetation – agent of weathering
  • Humus content from vegetation provide nutrients to soil

Soil- forming factors: Time

  • मृदा-निर्माण दीर्घकालिक प्रक्रिया
  • सभी कारकों को मृदा बनाने के लिए समय की आवश्यकता होती है
  • अपक्षय के बाद – समय मृदा की परिपक्वता को तय करता है
  • Soil-formation long-term process
  • All the factors need time to form the soil
  • After weathering – time decides maturity of soil

मृदा में परिवहन Transportation in soil

  1. केशनली अथवा केशिकत्व Capillary
    • खनिजों का ऊपर की ओर बढ़ना Upward movement of minerals
    • गर्म और शुष्क जलवायु Hot and dry climate
  2. निक्षालन leaching
    • खनिजों का निचे की ओर बढ़ना Downward movement of minerals
    • नम स्थिति Humid condition

Chemical Processes within soilsoil-capillary

  1. केशिकत्व मृदा प्रक्रियाएँ Capillary Soil processes
    • गर्म और शुष्क जलवायु में: वाष्पीकरण तेज होता है In hot and dry climate: Evaporation is faster
    • मृदा के भीतर लवण ऊपरी परत पर आते हैं Salts within the soil come at the upper layer
    • कैल्शियम लवण की मात्र मृदा में  बढती है Calcium salts quantity increase in soil
    • इससे मृदा की लवणता प्रभावित होती है This affects the salinity of the soil
  2. Leaching (Humid) Soil processes
    • गर्म-आर्द्र Hot-humid :
      Lateritic soil
      Lateritic soil
      • गर्म और आर्द्र जलवायु में: भारी वर्षा
      • मृदा के भीतर सिलिका नीचे की ओर बढ़ती है – लेकिन लोहे और एल्यूमीनियम ऊपरी परत पर रहते हैं
      • अम्लीय और लाल मृदा
      • लैटेराइट मृदा
      • In hot and humid climate : Heavy rainfall
      • Silica within soil move downward – but Iron and aluminum remain at upper layer
      • Acidic and reddish soil
      • Lateritic soil
    • शीत-आर्द्र Cold-humid :
      Podzoilic soil
      • ठंडी और नम जलवायु में
      • लोहे और एल्युमीनियम नीचे की ओर बढ़ते हैं और सिलिका ऊपरी परत पर रहती है
      • धूसर रंग का
      • पोडजोइक मिट्टी
      • कम उर्वरक
      • In cold and humid climate
      • Iron and Aluminum move downward and silica remain at upper layer
      • Gray in colour
      • Podzoilic soil
      • Low fertility
    • दलदली में – पीट मिट्ट In swampy – peat soils
      Gleying-peat soil
      • तराई, मैंग्रोव क्षेत्र
      • रंग में नीला
      • अत्यधिक पोटेशियम लवण
      • Terai, Mangrove region
      • Bluish in colour
      • Excessive Potassium salts

Soil Profile

soil-profile
soil-profile
  • मिट्टी में विभिन्न भौतिक और रासायनिक गुणों के साथ अलग-अलग परतें होती हैं
  • मृदा संरक्षण के लिए मिट्टी के क्षितिज का प्रबंधन महत्वपूर्ण है
  • Soil have different layers with different physical and chemical properties
  • Management of soil horizons important for soil conservation
  • मिट्टी के क्षितिज Horizons of soil:
    • O = organic dust, leaves, litter
    • A= top soil with nutrients
    • E = transition zone
    • B = sub-soil
    • C = weathered rock material
    • C = parent rock
    • O and R not part of functional soil
  • मिट्टी का कटाव = शीर्ष मिट्टी का नुकसान (ए और ई)
  • B पौधे जीवन का समर्थन नहीं कर सकता
  • अत्यधिक मिट्टी का कटाव = B का नुकसान भी
  • Soil erosion = loss of top soil (A and E)
  • B cannot support plant life
  • Extreme soil erosion = loss of B also

उत्पत्ति. रंग संयोजन तथा अवस्थिति के आधार पर भारत की मिट्रियों को निम्नलिखित प्रकारों में वर्गीकृत | किया गया है On the basis of genesis, colour, composition and location, the soils of India have been classified into:

  1. जलोढ़ मिट्टी Alluvial soils
  2. काली मिट्टी Black soils
  3. लाल और पीली मिट्टी Red and Yellow soils
  4. लैटेराइट मिट्टी Laterite soils
  5. शुष्क मिट्टी Arid soils
  6. लवण मिट्टी Saline soils 
  7. पीटमय मिट्टी Peaty soils
  8. वन मिट्टी Forest soils