1. जीव विज्ञानः एक परिचय (Introduction)

The branch of science under which organisms are studied is called biology. Aristotle has been called the father of biology. Any object that has some specific biological activity is called an object. The living beings have the following characteristics, on the basis of which we are able to clearly distinguish it from the non-living.

Shape and measurement, circulation, cellular structure, living matter, metabolism, nutrition, speed, growth, respiration, excretion, reproduction, life cycle and death

विज्ञान की वह शाखा जिसके अन्तर्गत जीवधारियों का अध्ययन किया जाता है, जीव विज्ञान कहलाता है। अरस्तू को जीव विज्ञान का जनक कहा गया है। किसी भी वस्तु को जिसमें कुछ विशिष्ट जैविक क्रियाएँ हो रही हो उस वस्तु को सजीव कहते हैं। सजीवों में निम्नलिखित लक्षण होते हैं जिसके आधार पर हम उसे निर्जीव से स्पष्ट रूप से अलग कर पाते हैं।

आकृति एवं माप, प्रचलन, कोशकीय संरचना, जीव द्रव्य, उपापचय, पोषण, गति, वृद्धि, श्वसन, उत्सर्जन, जनन, जीवनचक्र एवं मृत्यु

The cell

  • Cell was discovered in 1665 AD by a scientist named Robert Hooke.
  • In 1839, cell theory was proposed by Schleiden and Schwann. According to him, all organisms are made from the product of cells and cells.
  • Cells are the basic structural units of organisms.
  • It was further validated that cells are not only structural units of organisms but also functional units. All biological functions occur in cells.
  • The organism is unicellular and multicellular and has all the biological functions.
  • The smallest cell is of a bacterium called Mycoplasma gallisepticum.
  • The largest cell is the egg of the ostrich.

कोशिका Cell

  • कोशिका की खोज 1665 ई. में रॉबर्ट हुक नामक वैज्ञानिक द्वारा किया गया।
  • 1839 ई. में श्लीडेन तथा श्वान द्वारा कोशिका सिद्धान्त का प्रस्ताव किया गया। उनके अनुसार सभी जीव कोशिकाओं एवं कोशिकाओं के उत्पाद से बनते हैं।
  • कोशिकाएं जीवधारियों की मूलभूत संरचनात्मक इकाईं हैं।
  • आगे चलकर इस बात को प्रमाणित किया गया कि कोशिकाएँ जीवधारियों की केवल संरचनात्मक इकाईं ही नहीं हैं बल्कि क्रियात्मक इकाईं भी हैं। सभी जैविक क्रियाएँ कोशिकाओं में ही होती हैं।
  • सजीव एककोशिकीय तथा बहुकोशिकीय होता है तथा समस्त जैविकक्रियाएँ दोनों में होती है।
  • सबसे छोटी कोशिका माइकोप्लाज्मा गैलोसेप्टिकम नामक जीवाणु की होती है।
  • सबसे बड़ी कोशिका शुतुरमुर्ग का अण्डा है।

कोशिका संरचना Cell Structure

  1. Plasma Membrane: All the components of the cell are surrounded by a thin membrane. This membrane is called cell membrane or plasma membrane.

    Animal Cell
    Animal Cell
  • Its function is to remove desired substances inside and unwanted substances.
  • This property of cell membrane is called selective permeability.
  • The cells of the plant have another layer around the cell art called the cell wall. The cell wall is made up of a substance called cellulose. A cellulose-produced cell wall creates a definite shape and size of the cell.
  1. कोशिका कला (Plasma Membrane) : कोशिका के सभी अवयव एक पतली झिल्ली द्वारा घिरे रहते हैं। इस झिल्ली को कोशिका कला या प्लाजमा झिल्ली कहते हैं।
  • इसका कार्य वांछित पदार्थों को अन्दर तथा अवांछित पदार्थों को बाहर करना होता है।
  • कोशिका कला के इस गुण को चयनात्मक पारगम्यता कहते हैं।
  • पौधे की कोशिकाओं में कोशिका कला के चारों ओर एक और परत होती है जिसे कोशिका भित्ति कहते हैं। कोशिका भित्ति सेलुलोज नामक पदार्थ से बनी होती है। सेलुलोज निर्मित कोशिका भित्ति से कोशिका की निश्चित आकृति व आकार निर्मित होता है।

    Plant Cell
    Plant Cell

2. Nucleus: The nucleus located in the middle of the cell is the most prominent organ of the cell. It acts as the manager of the cell. The nucleus inside the cell is surrounded by a double membrane coating called the nucleus. Its function is to separate the nucleus from the rest of the cell.

Inside the nucleus is a liquid transparent substance called the nucleus. This nucleus contains chromatin composed of the combined molecules of protein and DNA. At the time of cell division, chromatin shrinks and becomes organized into several short and thick threads known as chromosomes. The number of chromosomes in the nuclei of all cells is fixed in each species of organisms.

Each chromosome has a concentric portion similar to a jelly called a matrix. In the matrix, two mutually wrapped fine and coiled filament are known as chromonemata. Each chromonema is called a chromosome. Thus, each chromosome is made up of two chromatids. The two chromatids are attached to each other at a certain location known as centromere.

It is only through chromosomes that genes are passed down from generation to generation. The chromosomes are called the vehicle of inheritance. In addition to this, a dense circular composition is seen in the nucleus. It is called nucleolus. It involves in the synthesis of RNA for ribosomes.

2. केन्द्रक (Nucleus): कोशिका के मध्य में स्थित केन्द्रक कोशिका का सबसे प्रमुख अंग होता है। यह कोशिका के प्रबंधक के रूप में कार्य करता है। कोशिका के अन्दर केन्द्रक दोहरी झिल्ली के आवरण से घिरा होता है जिसे केन्द्रक आवरण कहते हैं। इसका कार्य केन्द्रक को कोशिका के शेष भाग से अलग करना होता है।

Nucleus
Nucleus

केन्द्रक के अन्दर एक तरल पारदर्शी पदार्थ भरा होता है जिसे केन्द्रक द्रव्य कहते हैं। इसी केन्द्रक द्रव्य में प्रोटीन एवं डी.एन.ए. के संयुक्त अणुओं से बना क्रोमैटिन होता है। कोशिका विभाजन के समय क्रोमैटिन सिकुड़ कर अनेक छोटे तथा मोटे धागे के रूप में संगठित हो जाता है जिसे गुणसूत्रा के नाम से जाना जाता है। प्रत्येक जाति के जीवधारियों में सभी कोशिकाओं के केन्द्रकों में गुणसूत्रों की संख्या निश्चित होती है।

प्रत्येक गुणसूत्रा में जेली के समान एक गाढ़ा भाग होता है जिसे मैट्रिक्स कहते हैं। मैट्रिक्स में दो परस्पर लिपटे महीन एवं कुण्डलित सूत्रा दिखाई देते हैं जिन्हें क्रोमोनिमेटा कहते हैं। प्रत्येक क्रोमोनिमेटा एक अद्ध गुणसूत्रा कहलाता है। इस प्रकार प्रत्येक गुणसूत्रा दो क्रोमैटिडों का बना होता है। दोनों क्रोमैटिड एक निश्चित स्थान पर एक-दूसरे से जुड़े होते हैं जिसे सेण्ट्रोमियर के नाम से जाना जाता है।

गुणसूत्रों के माध्यम से ही जीन पीढ़ी-दर-पीढ़ी हस्तांतरित होते हैं। गुणसूत्रों को वंशागति का वाहन कहा जाता है। केन्द्रक में इसके अलावा एक सघन गोल रचनाएं दिखाई पड़ती हैं। इसे केन्द्रिका कहते हैं। इसमें राइबोसोम के लिए RNA संश्लेषण होता है।

  1. Cytoplasm: A translucent viscous fluid surrounding the nucleus is filled inside the cell. This is called cytoplasm. It contains various types of organic and inorganic substances such as enzymes, salts, carbohydrates, proteins, fats, etc., which are known as Cell Organelles.
  1. कोशिका द्रव्य(Cytoplasm): कोशिका के अन्दर केन्द्रक को घेरे हुए एक पारभासी चिपचिपा द्रव्य भरा रहता है। इसे कोशिका द्रव्य कहते हैं। इसमें विभिन्न प्रकार के कार्बनिक तथा अकार्बनिक पदार्थ जैसे एन्जाइम, लवण, कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा आदि पाए जाते हैं जिन्हें कोशिकांग के नाम से जाना जाता है।

कोशिकांग (Cell Organelles) ;

 

Cytoplasm में निम्न कोशिकांग फैले होते हैं-

अन्तर्द्रव्यी जालिका (Endoplasmic reticulum): दोहरी झिल्ली से घिरी नलिकाओं का यह एक विस्तृत जाल होता है जो पूरे जीव द्रव्य में फैला रहता है। इस जालिका के कुछ भागों के किनारे किनारे छोटी-छोटी कणिकाएं लगी होती हैं जिसे राइबोसोम (Ribosomes) कहते हैं। दो प्रकार की अन्तर्द्रव्यी जालिकाएं पाई जाती हैं।

    1. खुरदरी अन्तर्द्रव्यी जालिका(Rough endoplasmic reticulum): इसके बाहरी सतह पर राइबोसोम लगे रहते हैं। वे कोशिकाएं जिनमें प्रोटीन संश्लेषण आदि होता है।
    2. चिकनी अन्तर्द्रव्यी जालिका(Smooth endoplasmic reticulum): इसमें राइबोसोम नहीं होता है। इसका मुख्य कार्य उन सभी वसाओं व प्रोटीनों का संश्लेषण करना है जो कि विभिन्न कलाओं जैसे केन्द्रक कला, कोशिका कला आदि का निर्माण करता है।

राइबोसोम (Ribosomes): राइबोसोम अत्यन्त सूक्ष्म कण होता है। इनमें से कुछ तो कोशिका-द्रव्य में तैरते रहते हैं। इनकी संख्या अन्तर्द्रव्यी जालिका पर अत्यधिक होता है। ये राइबोन्यूक्लिक ऐसिड नामक अम्ल व प्रोटीन की बनी होती है। ये प्रोटीन संश्लेषण के लिए उपयुक्त स्थान प्रदान करती है। इसे प्रोटीन का उत्पादन स्थल कहा जाता है।

Mitochondria
Mitochondria

माइट्रोकॉण्ड्रिया (Mitochondria) : माइटोकॉण्ड्रिया दोहरी झिल्ली के आवरण से घिरी हुई रचनाएं होती हैं। बाहरी झिल्ली सपाट होती है परन्तु भीतरी झिल्ली अन्दर की ओर अनेक अंगुली की तरह उभार बनाती है। इस उभार को क्रिस्टी (Cristae) के नाम से जाना जाता है। इसके सतह पर अनेक टेनिस रैकेट के समान छोटे-छोटे कण लगे होते हैं जिसे ऑक्सीसोम(Oxysome) कहते हैं। ये कोशिका द्रव्य में पाई जाने वाली अनेक गोलाकार अथवा सूत्राकार रचनाएं होती हैं। ऊर्जायुक्त कार्बनिक पदार्थों का ऑक्सीकरण माइट्रोकॉण्ड्रिया में होता है जिसमें काफी मात्रा में ऊर्जा प्राप्त होती है। इसलिए माइट्रोकॉण्ड्रिया को कोशिका का ऊर्जा केन्द्र कहते हैं।

लवक (PLASTIDS): अधिकांश पादप कोशिका में एक अन्य प्रकार की रचना पाई जाती है जिसे लवक कहते हैं। ये केवल पौधों में पाए जाते हैं व तीन प्रकार के होते हैं।

    1. हरित लवक(chloroplast): इसमें हरे रंग का पदार्थ होते हैं जो पत्तियों में पाए जाते हैं। इसी के कारण पौधों की पत्तियां व कुछ अन्य भाग हरे दिखाई पड़ते हैं जिसे क्लोरोफिल(chlorophyll) कहते है। प्रत्येक क्लोरोप्लास्ट दोहरी झिल्ली में घिरी रचना है। क्लोरोप्लास्ट को पादप कोशिका की रसोई कहा जाता है।
    2. आवर्णी लवक(Leucoplasts): ये रंगहीन लवक होते हैं व पौधे के उन भाग की कोशिकाओं में पाए जाते हैं जो प्रकाश से वंचित रहते हैं। ये स्टार्च के रूप में भोजन का संग्रह करते हैं।
    3. वर्णी लवक(Chromoplasts): ये रंगीन लवक होते हैं जो प्रायः लाल, पीले, नारंगी रंग के होते हैं। ये पौधे के रंगीन भागों जैसे पुष्पों की पंखुड़ियों तथा फलों की भित्ति में पाए जाते हैं।

गाल्जीकॉय(Golgibody): इसे डिक्टियोसोम के नाम से भी जाना जाता है। प्रत्येक गाल्जीकॉय में 4-10 चपटी, खोखली, लम्बी मुड़ी हुई थैलियों जैसी रचनाएं होती हैं जिन्हें सिस्टरनी(Cisternae) कहते हैं। इसके आस पास गोल-गोल थैलियों जैसी छोटी-छोटी रचनाएं होती हैं जिन्हें पुटिकाएं(Vesicles) कहते हैं।

Golgibody
Golgibody

गॉल्जी कॉम्प्लेक्स में कोशिका द्वारा संश्लेषित प्रोटीनों व अन्य पदार्थों की पुटिकाओं के रूप में पैकिंग की जाती है ये पट्टिकाएं गन्तव्य स्थान पर उस पदार्थ को पहुंचा देती है। अवांछित पदार्थों को पुटिकाएं कोशिका कला के माध्यम से बाहर निकलवा देती है। गाल्जीकॉय को कोशिका के अणुओं का यातायात-प्रबन्धक कहा जाता है।

लाइसोसोम(Lysosome): ये सूक्ष्म, गोल, इकहरी झिल्ली से घिरी थैली जैसी रचनाएं होती हैं। उनके अन्दर विकर पाये जाते हैं। विकर जीवधारियों में पाए जाने वाले विशेष उत्प्रेरक होते हैं जो कि जैविक क्रियाओं की गति बढ़ाते हैं।

लाइसोसोम में पाए जाने वाले विकर विघटनकारी होते हैं और विभिन्न पदार्थों का पाचन करते हैं। यहां तक कि कुछ विकर तो अपनी कोशिका के कोशिकांगों का ही पाचन कर देते हैं जिससे स्वयं कोशिका ही नष्ट हो जाती है। शरीर की बेकार कोशिकाएं इसी प्रकार नष्ट होती है। इसी कारण लाइसोसोम को आत्महत्या का थैली कहते हैं।

तारक काय(Centrosome): ये अधिकतर जन्तु कोशिकाओं में पाए जाते हैं। ये केन्द्रक के समीप पाए जाने वाली रचनाएं हैं जो कि दो लम्बी बेलनाकार रचनाओं के बने होते हैं। जिसे तारक केन्द्र कहते हैं।

प्रत्येक तारक केन्द्र एक महीन स्वच्छ आवरण सेण्ट्रोस्मीयर में लिपटें रहता है। दोनों तारक केन्द्रों व सेन्ट्रोस्मीयर को मिलाकर सेण्ट्रोसोम कहते हैं। सीलिया तथा कशाभिका कोशिकाओं में विकसित होते हैं और गति(Locomotion) करते हैं।

रसधानियां या रक्तिकाएं(Vacuoles) : ये तरल पदार्थों से भरी रचनाएं होती है और इकहरी झिल्ली से घिरी रहती है। जिसे रिक्तिका कला(Tonoplast) कहते हैं। रिक्तिका के अन्दर भरे तरल पदार्थ को रिक्तिका रस(Tonoplast) कहते हैं। जन्तु कोशिकाओं में ये अनेक व बहुत छोटी होती है। परन्तु पादप कोशिकाओं में प्रायः एक बहुत बड़ी व केन्द्र में स्थित होती है।

रसधानियों को कोशिका का भण्डार भी कहते हैं क्योंकि इसमें खनिज-लवण, शर्कराएं, कार्बनिक अम्ल, ऑक्सीजन, कार्बन-डाई आक्साइड, विभिन्न रंग तथा अपशिष्ट पदार्थ घुले रहते हैं। रिक्तिका रस के कारण ही कोशिकाओं की स्फीति (Turigidity)बनी रहती है जिससे वे अपनी आकृति बनाए रखती है।

रिक्तिका रस(Vacuole sap) में जल की कमी होने से कोशिकाएं पिचक जाती हैं और अपनी आकृति खो बैठती हैं जिससे पौधों के अंग मुरझा जाते हैं।

जन्तु कोशिका Animal Cell

पादप कोशिका Plant Cell

1. कोशिका कला के बाहर कोई भित्ति नहीं होती। कोशिका कला ही कोशिका की सीमा है।

 

2. रसधानियां (Vacuoles) या तो होती ही नहीं, यदि होती भी है तो बहुत छोटी। अतः कोशिका द्रव्य कोशिका में समान रूप से वितरित रहता है।

 

3. लवक नहीं पाए जाते हैं।

 

4. अधिकांश जन्तुओं की कोशिकाओं में सेन्ट्रोसोम पाए जाते हैं।

 

5. लाइसोसोम पाए जाते हैं।

1. कोशिका कला चारों ओर से एक भित्ति से घिरी रहती है जिसे कोशिका भित्ति कहते हैं जो प्रायः सेलुलोज नामक पदार्थ से निर्मित्त होती है।

2. बड़ी-बड़ी रसधानियां होती हैं जोकि कोशिका का काफी बड़ा भाग घेरे रहती है। फलस्वरूप कोशिका द्रव्य कोशिका कला के साथ-साथ एक छोटे भाग में दिखाई पड़ता है।

3. लवक पाए जाते हैं। हरे क्लोरोप्लास्ट, रंगहीन ल्यूकोप्लास्ट, व रंगीन क्रोमोप्लास्ट।

4. अधिकांश पौधों की कोशिकाओं में सेन्ट्रोसोम नहीं पाए जाते हैं।

5. अधिकांश पौधों की कोशिकाओं में लाइसोसोम नहीं मिलते। आवश्यक विकर रित्तिका में ही भरे रहते है।

जीव विज्ञान की शाखाएँ (Branches of Biology) – विज्ञान की शाखाओं ( Branches of Science ) में से एक जीव विज्ञान ( Biology ) है। इसकी दो उप-शाखायें :

  1. जंतु विज्ञान या प्राणिविज्ञान ( Zoology ): प्राणिविज्ञान (Zoology) विज्ञान की एक शाखा है, जिसमे जीवित एवं मृत प्राणियों या जंतुओं का अध्ययन होता है। इसके जनक अरस्तु(Aristotle) माने जाते है| और

Zoology: Zoology is a branch of science in which the study of living and dead animals is done. Its father is considered to be Aristotle. And

  1. वनस्पति विज्ञान ( Botany ): पौधों से संबंधित सभी प्रकार का अध्ययन वनस्पति विज्ञान के अन्तर्गत किया जाता है।

Botany: All kinds of studies related to plants are done under botany.

जन्तु विज्ञान एवं वनस्पति विज्ञान की विभिन्न शाखाओं निम्नवत है।

जन्तु विज्ञान की शाखाएँ (Branches of Zoology)

एनाटोमी – शरीर एवं विविध अंगो की विच्छेदन द्वारा प्रदर्शित सकल रचना

Anatomy – The gross composition demonstrated by the dissection of the body and various organs.

एंथ्रोपोलॉजी – मानव जाति के सांस्कृतिक विकास का अध्ययन

Anthropology – Study of Cultural Development of Mankind

एंजिओलॉजी – परिसंचरण तंत्र का अध्ययन

Angiology – Study of the circulatory system

जूजियोग्राफ़ी – पृथ्वी पर जंतुओं के वितरण का अध्ययन

Biogeography – Study of distribution of animals on Earth

पेलियेन्टोलॉजी – जीवाश्मों का अध्ययन

Palaeontology – study of fossils

फाइलोजेनी – जाती के उद्विकास का इतिहास

Phylogeny – History of evolution of a species or group.

आन्टोजेमी – जीवन वृत्ति का अध्ययन

Ontogeny -Study of the development or developmental history of an individual organism

एयरोबॉयोलॉजी – उड़ने वाले जंतुओं का अध्ययन

Aerobiology – The study of flying animals

एरेकनोलॉजी – मकड़ियों का अध्ययन

Arachnology – the study of spiders

बायोमेट्रिक्स – जीव विज्ञान के प्रयोगों के विभिन्न परिणामों का सांख्यिकी विश्लेषण व अध्ययन

Biometrics – Statistical analysis and study of various results of biology experiments

साइकोबायोलॉजी – जंतुओं की मनोवृत्ति का अध्ययन

Psychobiology – Study of animal mood

ट्राफोलॉजी – पोषण विज्ञान

Trophology – Nutritional Sciences

प्रोटोजोआलॉजी – प्रोटोजोआ का अध्ययन

Protozoology – Study of Protozoa

रेडियोलॉजी – जीवों पर विकिरण प्रभाव का अध्ययन

Radiology – study of radiation effects on organisms

सार्कोलॉजी – पेशियों का अध्ययन

Sarcology – study of muscles

सिन्डेस्मोलॉजी – कंकाल संधियों एवं स्नायुओं का अध्ययन

Syndesmology – the study of ligaments or skeletal joints and nerves

सिरोलॉजी – रक्त सीरम और शरीर के अन्य तरल पदार्थों का वैज्ञानिक अध्ययन

Serology – Scientific study of blood serum and other body fluids

टेक्टोलॉजी – शरीर के रचनात्मक संघटन का अध्ययन

Tectology – the study of anatomical composition of the body

टेक्सोनॉमी – जीवजातियों के नामकरण एवं वर्गीकरण का अध्ययन

Taxonomy – study of nomenclature and classification of fauna

टटोलॉजी – उपार्जित लक्षणों का अध्ययन

Topology – Mathematical study of the properties that are preserved through deformations, twistings, and stretchings of objects

टॉक्सिकोलॉजी – जंतुओं के लिए विषैले पदार्थों और शरीर पर इनके प्रभावों का अध्ययन

Toxicology – study of toxic substances for animals and their effects on the body

एन्जाइमोलॉजी – उत्प्रेरकों का अध्ययन

Enzymology – Study of Catalysts

एंटोमोलॉजी – कीट पतंगों का अध्ययन

Entomology – the study of insects

जेनेटिक्स – जीवों के आनुवंशिक लक्षण एवं उनकी वंशागति का अध्ययन

Genetics – study of genetic traits of organisms and their inheritance

हिस्टोलॉजी – सूक्ष्मदर्शी द्वारा अंगों की औतिक संरचना का अध्ययन

Histology – study of the physical structure of organs by microscope

हीमेटोलॉजी – रुधिर एवं रुधिर रोगों का अध्ययन

Hematology – Study of blood and Hematological diseases

हेल्मिन्थोलॉजी – परजीवी कृमियों का अध्ययन

Helminthology – the study of parasitic worms

हर्पेटोलॉजी – उभयचारियों एवं सरीसृपों का अध्ययन

Herpetology – Study of Amphibians and Reptiles

इक्थियोलॉजी – मछलियों का अध्ययन

Ichthyology – Study of Fishes

इम्यूनोलॉजी – संक्रमण के विरुद्ध जंतु शरीर के प्रतिरोध का अध्ययन

Immunology – study of animal body resistance against infection

कैरियोलॉजी – केन्द्रक का अध्ययन

Cariology – Nuclear Study

मार्फोलॉजी – जंतुओं की आकृति एवं रचना का अध्ययन

Morphology – study of the shape and composition of animals

मायोलॉजी – पेशियों का अध्ययन

Myology – study of muscles

मेमेलोलॉजी – स्तनधारियों का अध्ययन

Mammalogy- Study of mammals

मेलेकोलॉजी – मोलस्का एवं इनके खोलों का अध्ययन

Malacology – Study of Mollusca and its shells

मॉलिक्युलर बायोलॉजी – आणविक स्तर पर जंतुओं की रासायनी का अध्ययन

Molecular Biology – Study of Chemistry of Animals at Molecular Level

माइक्रोबायोलॉजी – अतिसूक्ष्म जीवों का अध्ययन

Microbiology – study of microorganisms

न्यूरोलॉजी – तंत्रिका तंत्र का अध्ययन

Neurology – Study of the nervous system

ऑस्टियोलॉजी – कंकाल तंत्र का अध्ययन

Osteology – Study of Skeletal System

ओडोन्टोलॉजी – दन्त विज्ञान संबंधी अध्ययन

Odontology – Dental Science Studies

ऑर्गेनोलॉजी – अंग विज्ञान संबंधी अध्ययन

Organology – Organological Studies

ऑर्निथोलॉजी – पक्षियों का अध्ययन

Ornithology – Study of Birds

ऑफियोलॉजी – साँपों का अध्ययन

Ophiology – Study of snakes

फीजियोलॉजी – शरीर के विभिन्न भागों के कार्य एवं कार्य विधियों का अध्ययन

Physiology – Study of functions and working methods of different parts of the body

पारासिटोलॉजी – परजीवी जीवों का अध्ययन

Parasitology – Study of parasitic organisms

पैथोलॉजी – रोगों की प्रकृति, लक्षणों एवं कारणों का अध्ययन

Pathology – Study of nature, symptoms and causes of diseases

बॉयोमिक्स – जंतुओं के तंत्रिका तंत्र का अध्ययन

Biomics – study of the nervous system of animals

सायटोलॉजी – कोशिकाओं का बहुमुखी अध्ययन

Cytology – versatile study of cells

क्रेनिओलॉजी – करोटि का अध्ययन

Crenology – Study of Skull

इकोलॉजी – सजीव एवं निर्जीव वातावरण से जीवों के विविध संबंधों का अध्ययन

Ecology – Study of diverse relationships of organisms with living and non-living environment

एक्सटर्नल मॉर्फोलॉजी – जीवों के शरीर की बाहरी संरचना का अध्ययन

External morphology – study of the external structure of the body of organisms

एंडोक्राइनोलॉजी – अन्तःस्त्रावी तंत्रों का अध्ययन

Endocrinology – study of endocrine systems

इथोलॉजी – जंतुओं के व्यव्हार का अध्ययन

Ethology – study of animal behaviour

एम्ब्रायोलॉजी – भ्रूणीय परिवर्धन का अध्ययन

Embryology – Study of fetal growth

इवोल्यूशन – जीव जंतुओं का उद्भव एवं विभेदीकरण का इतिहास

Evolution – History of the origin and differentiation of fauna

यूजेनिक्स – आनुवांशिकी के सिद्धांतों द्वारा मानव जाती की उन्नति का अध्ययन

Eugenics – the study of the evolution of the human race through the principles of genetics

यूफेनिक्स  – कोशिकाओं में जीन →RNA →प्रोटीन  श्रंखला में परिवर्तन करके मानव जाति की उन्नति का अध्ययन

Euphenics – Study of the progress of mankind by altering the genes → RNA → protein chain in cells

फ्रेनोलॉजी- मस्तिस्क के विभिन्न भागो की क्रियाशीलता तथा विक्षिप्तता का अध्ययन

Phrenology- Study of activity and insanity of various parts of the brain

वनस्पति विज्ञान की शाखाएँ ( Branches of Botany ) :-

एग्रोस्टोलॉजी – घासों का अध्ययन एवं पालन

Agrostology – Study and Rearing of Grasses

एन्थोलॉजी – फूलों का अध्ययन

Anthology – Study of Flowers

एनाटोमी – आतंरिक संरचना का अध्ययन

Anatomy – study of internal structure

टेक्सोनॉमी – पादप वर्गीकरण का अध्ययन

Taxonomy – study of plant taxonomy

बायोमेट्रिक्स – जीव वैज्ञानिकों के प्रेक्षणों का गणितीय विवेचन

Biometrics – mathematical analysis of observations of biologists

हिस्टोलॉजी – ऊतकों का अध्ययन

Histology – study of tissues

एल्गोलॉजी – शैवालों का अध्ययन

Algology – Study of Algae

स्पर्मोलॉजी – बीजों का अध्ययन

Spermology – Study of seeds

स्पेसबायोलॉजी – अंतरिक्ष ततः वायुमण्डल में स्थित पादपों का अध्ययन

Space biology – study of plants located in space and atmosphere

फाइटोजिओग्राफी – पौधों के वितरण एवं उनके कारणों का अध्ययन

Phytogeography – Study of plant distribution and their causes

टेरिडोलॉजी – टेरिडोफाइट्स का अध्ययन[टेरिडोफाइट्स एक संवहनी पौधा है (जाइलम और फ्लोएम के साथ) जिसमें कोई फूल या बीज नहीं होते हैं।]

Pteridology – Study of Pteridophytes[A pteridophyte is a vascular plant (with xylem and phloem) that  do not have any flowers or seeds.]

बैक्टीरियोलॉजी – जीवाणुओं का अध्ययन

Bacteriology – study of bacteria

ब्रायोलॉजी – ब्रायोफाइटा का अध्ययन

Bryology – Study of Bryophyta

केसीडियोलॉजी – पादप में रोगजन्य गाँठों, पादप कैंसर का अध्ययन

Cecidology – Study of pathogenic knots, plant cancer in plants

साइटोलॉजी – कोशिकाओं का अध्ययन

Cytology – study of cells

डेंड्रोलॉजी – वृक्षों एवं झाड़ियों का अध्ययन

Dendrology – the study of trees and shrubs

डेंड्रोकोनोलॉजी – वृक्षों की आयु का अध्ययन

Dendrochronology – the study of the age of trees

इकोलॉजी – पौधों का वातावरण से संबंध का अध्ययन

Ecology – Study of the relation of plants to the environment

इकोनॉमिक बॉटनी – आर्थिक महत्त्व के पौधों का अध्ययन

Economic Botany – Study of Plants of Economic Importance

एम्ब्रियोलॉजी – युग्मकों के निर्माण, निषेचन एवं भ्रूण के परिवर्धन का अध्ययन

Embryology – study of gametes formation, fertilization and embryo development

इथेनोबॉटनी – आदिवासियों द्वारा पादप के उपयोग का अध्ययन

Ethnobotany – study of a region’s plants and their practical uses through the traditional knowledge of a local culture and people(tribals).

इवोल्यूशन – सजीवों के विकास प्रक्रम का अध्ययन

Evolution – Study of the evolutionary process of living organisms

एक्सोबॉयोलॉजी – अन्य ग्रहों पर संभावित जीवों की उपस्थिति का अध्ययन

Exobiology – the study of the presence of potential organisms on other planets

फ्लोरीकल्चर – सजावटी फूलों का संवर्धन एवं अध्ययन

Floriculture – promotion and study of ornamental flowers

फॉरेस्ट्री – वनों का अध्ययन

Forestry – Study of Forests

जेनेटिक्स – आनुवांशिकता एवं विभिन्नताओं का अध्ययन

Genetics – Study of Heredity and Variations

जेनेटिक इंजीनियरिंग – कृत्रिम जीन का निर्माण एवं स्थानांतरण का अध्ययन

Genetic engineering – the study of the manufacture and transfer of artificial genes

जेरोन्टोलॉजी – आयु के साथ जीवों में होने वाले परिवर्तन का अध्ययन

Gerontology – study of changes in organisms with age

हेरीडिटी – पैतृक लक्षणों का संतति में पहुंचने का अध्ययन

Heredity – the study of parental traits reaching the offspring

लाइकेनोलॉजी – लइकनों का अध्ययन

Lichenology – Study of Lichen

लिम्नोलॉजी – झीलों तथा अलवणीय जलीय पादपों का अध्ययन

Limnology – study of lakes and alluvial aquatic plants

माइक्रोबायलॉजी – सूक्ष्म जीवों का अध्ययन

Microbiology – Study of microbes

मार्फोलॉजी – पादपों का आकारीय संरचना का अध्ययन

Morphology – study of morphological structure of plants

माइकोलॉजी – कवकों (फफूंद) का अध्ययन

Mycology – the study of fungi (fungi)

माइकोप्लाजमोलॉजी – माइकोप्लाज्मा का अध्ययन

Mycoplasmology – Study of Mycoplasma

निमेटोलॉजी – निमेटोड्स का पादपों का साथ संबंध का अध्ययन

Nematology – the study of nematodes’ association with plants

पेलियोबॉटनी – पादप जीवाश्मों का अध्ययन

Paleobotany – Study of plant fossils

पेलिनोलॉजी – परागकणों का अध्ययन

Palynology – the study of pollinators

पैथोलॉजी – पादप रोगों व उपचार का अध्ययन

Pathology – Study of plant diseases and treatment

पिडोलॉजी – मृदा का अध्ययन

Pedology – Study of Soil

पेरासिटोलॉजी – पोषिता तथा परजीवियों का संबंध का अध्ययन

Parasitology – Study of the relation of host and parasites

फाइकोलॉजी – शैवालों का अध्ययन

Phycology – Study of Algae

फार्मेकोलॉजी – औषधीय पादपों का अध्ययन

Pharmacology – Study of Medicinal Plants

फिजियोलॉजी – विभिन्न पादप जैविक क्रियाओं का अध्ययन

Physiology – Study of various plant biological functions

पॉमोलॉजी – फलों का अध्ययन

Pomology – Study of fruits

एग्रोनोमी – फसली पादपों का अध्ययन

Agronomy – study of crop plants

बायोटेक्नोलॉजी – प्रोटोप्लास्ट का पृथक्करण एवं संवर्धन का अध्ययन

Biotechnology – study of the isolation and enrichment of protoplasts

रेडिएशन बायोलॉजी – विभिन्न उपकरणों का पादपों पर प्रभाव व उत्परिवर्तन का अध्ययन

Radiation Biology – Study of effects and mutation of different devices on plants

फाइटोफिजिक्स – भौतिक सिद्धांतों  उपापचय में महत्त्व का अध्ययन

Phytophysics – Physical Principles Study of Importance in Metabolism

बॉयोकेमिस्ट्री – सजीवों में कार्बनिक पदार्थों का अध्ययन

Biochemistry – study of organic matter in living organisms

वायरोलॉजी – विषाणुओं का अध्ययन

Virology – Study of Viruses

हार्टीकल्चर – फल, सब्जियों तथा उद्यान पादपों का संवर्धन का अध्ययन

Horticulture – Study of promotion of fruits, vegetables and garden plants

मॉलिक्युलर बायोलॉजी – न्यूक्लिक अम्लों ( DNA व RNA ) का अध्ययन

Molecular Biology – Study of nucleic acids (DNA and RNA)

सिल्वीकल्चर – वनीय वृक्षों तथा उनके उत्पादों का संवर्धन व अध्ययन

Silviculture – Promotion and study of forest trees and their products

टिश्यू कल्चर – कृत्रिम माध्यम पर ऊतकों का संवर्धन का अध्ययन

Tissue culture – study of tissue culture on artificial medium

हिस्टोकेमिस्ट्री – कोशिकाओं एवं ऊतकों में विभिन्न रासायनिक पदार्थों की स्थिति का अध्ययन

Histochemistry – Study of the status of various chemical substances in cells and tissues

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